उत्साहित मन ही अपनापाता है दया ,प्रेम और निस्वार्थता,

हर कार्य आरंभ करना धैर्य, उत्साह , शुमता और प्रसन्नता के साथ

इन्हीं गुणों में छुपी होती है सफल जीवन की विशेषता

व्याकुलता और निरुत्साह से मिलती है असफलता ।

अनेक त्रासदियों के बावजूद सृष्टि अभी भी है अति सुन्दर,

जोश से कोशिश करना इसको और सुधारने की निरन्तर

प्रकृति की गोद में प्रातः और सायं सैर का आनंद जरूर उठाना

प्रफुल्लित रहना, मत करने देना दर्द को घर अपने अंदर ।

खुश मिजाजी व हिम्मती व्यक्ति की रोग प्रतिरोधी शक्ति होती है मज़बूत,

आप जानते हैं इस सत्य के बेहद है सटीक सबूत।

प्रसन्न मन से मेहनत करने पर नतीजे होते हैं बहुत अच्छे ,

जोश के साथ आत्मविश्वास से हो जाएंगे आपके सपने सच्चे ।

जीवन की भागदौड़ और उथल-पथल के बीच आशा व साहस को मत त्यागना,

निरुत्साहित शिथिल तन-मन को महान ग्रंथों की शरण से सुधारना

खुश मन से हासिल कर पाओगे हर चीज जिसकी है आपको इच्छा

बीते लम्हों की कसक को बार-बार याद मत करना ।

स्मरण रहे, नहीं होते हैं हर दिन एक समान,

ना हीं आप रह सकोगे शीर्ष पर हरदम विराजमान ।

पुरानी खुशियों और उपलब्धियों को जरूर याद रखना,

बखान मत करना इनका, मितभाषी बने रहना

व्यर्थ बोलने व अनर्गल प्रलाप से छिन जाएगी आपकी शांति

ऊपर वाले के वरदानों व आशीर्वादों को कभी मत भूलना ।

लेखक – लेफ्टिनेंट जनरल (डॉक्टर) शिवराम मेहता, सेवानिवृत