आपने एक अच्छी पारी खेली है इसका उत्सव जरूर मनाना,
तैयारी पहले से रखना ताकि बने आगे का जीवन स्वर्ण युग
अगर हो सके तो समय रहते कोई न कोई नई ट्रेनिंग जरूर लेना
बदलाव है जीवन का नियम, नए माहौल को ख़ुशी से स्वीकारना
भूल जाना पुराने रुतबे को इससे कम होगी परेशानियां
मनपसंद की कोई नई नौकरी मिले तो हामी भर लेना
ध्यान रखें बहुत बड़ी जिम्मेदारी वाली नौकरी के पीछे मत भागना
नौकरी नहीं करनी हो तो परोपकारी कार्य से मिलेगी संतुष्टि
रूचि हो तो धार्मिक और सामाजिक सेवा संस्थाओं से जुड़ना
जरुरी होता है इस उम्र में अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना
दिनचर्या में ध्यान व वर्जिश को अवश्य शामिल करना
प्रकृति बहुत सुन्दर है इससे भी हर दिन जुड़े रहना
बीमारियां घेरेगी इस उम्र में जुड़ना किसी स्वास्थ्य बीमा से
धन है जरुरी अपनी बचत को सोच समझ कर निवेश करना
ध्यान रखना जीवनसाथी का, वसीयत सोच समझकर बनाना
कुछ धन अलग से अवश्य रखना जीवनसाथी के लिए
ताकि ना पड़े उनको औलादों के सामने हाथ फैलाना
बच्चों की होती है कई तरह की मजबूरियां
उनसे जरुरत से ज्यादा उम्मीदें मत पालना
वो मदद करें तो अच्छा है वरना संतुष्ट रहना
सबसे अधिक ख़ुशी मिलेगी अच्छे दोस्तों से जुड़े रहने में
वो आपको काम आएंगे, आप भी उनकी मदद करते रहना ।
लेखक – लेफ्टिनेंट जनरल (डॉक्टर) शिवराम मेहता, सेवानिवृत
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