(हर उम्र में सच्चे गृहस्थ सन्यासी कैसे बने?)
जरूरी नहीं सन्यास की सोचें 75 वर्ष के उम्र के उपरांत,
गारंटी कहां है कि आप देखोगे अपना पच्हत्तरवां जन्मदिन
किसी को खबर नहीं होती है कब आएगा उसका परांत ( 1)
फायदे में रहोगे अपनाकर सन्यासी के गुण होश संभालते ही
सन्यासी होता है त्यागी, सेवाभावी जो रहता है हर हाल में शांत
संसारी जो है कर्म योगी व अंहकार रहित वह है सच्चा सन्यासी
इन आदतों की कमी से आज है मानव हर आश्रम में अशांत ।
सच्चा और उत्तम जीवन जीने वाला संन्यासी है हर उम्र मे,
ख़ुशनसीब हो अगर पहुंच गए सही संन्यास की उम्र में
अब बेहद जरूरी है पालन करना संन्यासी की आदतों का
भूल कर भी मत डालना कोई रोड़ा अपनी संतानों के जीवन में
वरना जाना पड़ सकता है आपको वृद्धाश्रम में ।
संदर्भ
- परांत – मृत्यु का समय
लेखक – लेफ्टिनेंट जनरल (डॉक्टर) शिवराम मेहता, सेवानिवृत
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