ख्वाइश होती है हरेक की सफलता के शिखर पर पहुँचने की,
हासिल वही करते हैं जो जानते व अपनाते इसके सारे गुर
सफलता कदम चूमती है जो करते हैं कदर समय की।
नहीं चूकते हैं सफल इंसान हर पल का श्रेष्ठतम उपयोग करने से,
कुछ भी असंभव नहीं उनके लिए जो रहते हैं भरपूर उत्साह से
उत्साह ही है बल, शक्ति, कर्त्तव्य व सकारात्मकता का स्रोत
सब कुछ पाया जा सकता है निरंतर परिश्रम से
कोई लघुपथ नहीं है इस जहाँ में कड़ी मेहनत का
हर चीज़ हासिल की जा सकती है जुझारू बने रहने से।
हर नेक कार्य व सफलता की सीढ़ी है इंसान के सच्चे विचार,
सफल लोगों का आंतरिक विचार जगत होता है पवित्र और शांत
गलत विचारों से ही पैदा होते हैं हर तरह के विकार।
बनाये रखना विचारों की सात्विकता, स्वच्छता एवं गुणवत्ता,
सफलता में चार चाँद लगेंगे जैसे ही आप अपनाएंगे मानवता।
सफलता की यात्रा में करना पड़ता है असफलताओं का सामना,
डरना नहीं विफलता से, निडर होकर प्रयास जारी रखना
असफलताओं के माध्यम से प्रकृति लेती है हमारी परीक्षा
हार को सदैव पूरी गरिमा के साथ स्वीकारना
जरूर करना आत्म-विश्लेषण पूरी सूक्ष्मता के साथ
नाकामयाबियों को कभी भी निराशा का विषय मत बनाना
धैर्य धारण कर, समर्पण के साथ प्रयत्न जारी रखना
सर्वोपरि सीख एक ही है, जहाँ हो, जैसे हो हमेशा खुश रहना।
लेखक – लेफ्टिनेंट जनरल (डॉक्टर) शिवराम मेहता, सेवानिवृत
Leave a Reply