(उनके खिलाफ मोर्चा खोलना है जरूरी)

अफसर, विशेषज्ञ व योर ऑनर माने जाते हैं जनता के रक्षक,

मौजदा समय में हो रहा है बेहाल दुनिया का इनके भटकाव से

वर्तमान में इनमें से कई हो गए राक्षस वृति वाले भक्षक ।

सदैव शीर्श में रहने के लिए यह करते हैं जनता को गुमराह,

गड़े मुर्दे उखाड़ कर,कर रहे हैं देश का बेहाल

मतलबी होकर करते हैं धर्म और वर्ण की गलत परिभाषा

भोले-भाले व गुमराह हुए शिक्षितों को पकड़ा रहे हैं गलत राह ।

जनता भी है बावली दे देती है बदमाशों को अपना अमूल्य वोट,

इन खूंखार शातिरों को मिल जाती हैं ऊंची-ऊंची पोस्ट ।

यहां होता है जबरदस्त खेल इनसे ऊंचे वाले डाल देते हैं इनकी नाक में नकेल,

डरा कर इनको CBI, ED से कराते हैं तरह-तरह के खेल ।

बनाये थे थानेदार बेचारे बन गए गलत लोगों के सेवादार,

कहने को तो होते हैं सिंह बन जाते हैं बेचारे बंद पिंजरे के तोते

कोई जमाने में E.C.था बब्बर शेर अब नहीं उसमें कोई धार ।

कई न्याय से जुड़े लोग भी करते हैं अन्याय लेकर मुंहभराई,

कोशिश होती हैं जलते हुए नोटों के जखीरों को छुपाने की

है कुछ नेक जज जो कर रहे हैं जनता की कुछ भलाई

कुछ डॉक्टर और इंजीनियर भी चूकते नहीं हेरा फेरी करने में

कुछ है इनमें से नेक जिनसे हो रही है जनता की थोडी भरपाई ।

दुःख होता है जब बड़े लोग दबा देते हैं सही लोगों की आवाज

समय रहते करना होगा इन सब का पुख्ता इलाज

यह देश महान नहीं बनेगा अगर आप नहीं हुए जागरूक

गर रहे चुप तो आप पर भी पड़ेगी कभी न कभी इनकी गाज ।

बनना होगा असली वीर अब काम नहीं चलेगा अग्निवीरों से,

खोल दो इनकी आंखें जिससे दिखने लगे इनको भ्रष्टाचार व बेरोजगारी

ध्यान एक ही रखना है, शुरू होना है हमें शांतिमय आंदोलन से

बड़े से बड़े तानाशाह आ जाते हैं सही राह पर जनता की आवाज से ।

लेखक – लेफ्टिनेंट जनरल (डॉक्टर) शिवराम मेहता, सेवानिवृत