(सावधानी व समझदारी ही बचाव) अहम पूँजी है स्वास्थ्य, इसका है गहरा रिश्ता खान-पान से, स्वादिष्ट व्यंजन किसको नहीं लगता अच्छा ? इसे हर कोई परोसता व खाता शान से स्वाद पर नियंत्रण है जरुरी अगर बचना है अपच व मोटापे से मोटापे का घनिष्ठ सम्बन्ध हैं अनेक बीमारियों से। संतुलित व उचित आहार है […]
Read More(यह बहुत बुरी बला है) लोभ से बचना वरना कभी नहीं होगा आपका उद्धार, लालच है अंतहीन, यह कराता है सर्वनाश भगवत गीता की सीख – लोभ, काम, क्रोध है नरक के द्वार। प्रलोभन के कुविचारों से आती है हर रिश्ते में दूरी, बाइबिल की चेतावनी लालची कर देगा पूरे घराने को दुखी इसी वजह […]
Read MorePatience is our most valuable ornament and super power. धीरज है सुखी मानव का महानतम आभूषण, अधीरता से नहीं कोई बड़ा अवगुण । अनहोनी व विपत्ति को पार कर लेते हैं धैर्यशाली लोग, उतावलापन पैदा करता अनेक भयंकर रोग । धैर्य की कमी से बिगड़ते जाते है बनते हुए काम, सब्र व सहनशीलता आपको नहीं […]
Read Moreइस अध्भुत व महाशक्ति का सदुपयोग ही करना सबसे महत्वपूर्ण व अनुपम ईश्वरीय देन है यह हमें, इसी से बने हैं हम अद्वितीय अन्य जीवों की तुलना में। कई शास्त्रों ने शब्द को ही माना है ब्रह्म, ध्यान रहे शब्दों में क्षमता होती है अहम्। बाइबिल बताती सृष्टि की उत्पत्ति सिर्फ शब्द से, सनातन धर्म […]
Read Moreघर का माहौल रखें प्रेममय व करुणा से ओत-प्रोत, ताकि बने हम सब का जीवन पूरा आनंद का स्रोत। घर का परिवेश ही है परम विद्यालय, हर पीढ़ी के लिए न था न होगा इससे महान आलय। परम व पहली गुरु है माँ, फिर आता बापू का नंबर, ध्यान रहे यह परम सत्य वरना आपके […]
Read Moreपलक लगते ही मैं पहुँच गया जन्नत के द्वार पर, खोले पट दरबानों ने, दिखे देवता अपने आसनों पर पहचान गया इंद्र देव, यीशु व रिजवाना* को झट खड़े हुये, सबने दिया बराबर का आसान मुझको। ख्वाइश की मैंने वहां के बासिंदों दे मिलने की, हाज़िर हो गये सब, हुक्म हुआ पहचान करो अपनों की। […]
Read Moreबचपन व जवानी के मध्य का वक्त है बेहद महत्वपूर्ण, नहीं कह सकते उसे बालक, न व होता व्यस्क पूर्ण अभिभावक सतर्क रहे वरना बिखर जायेगा बच्चों का जीवन सम्पूर्ण। दोष नहीं किशोरों का, होते हैं बहुत शारीरिक व अंत: – स्त्रावी बदलाव, हो सकते हैं भावनात्मक रूप से असंतुलित करते रहते हैं कुछ गलतियां […]
Read Moreमृत्यु है अंतिम परम सत्य जो कराती मुक्त हर बंधन से, डरना क्यों जब बच नहीं सकते किसी चीज़ से। नहीं जान पाओगे कब और कैसे होगी, पर होगी जरूर, करते रहना तैयारी, पर फिक्र मत करना मेरे हुज़ूर चिंता तो अवश्य कर देगी अधमरा जीने को मजबूर। पूर्ण आनंद उठाना वर्तमान के हर क्षण […]
Read Moreख़ास धर्मों को समझा व जिया है करीब से, हर धर्म का मर्म है बेहद पावन सबका आदर करता रहूँगा तहे दिल से। धर्म है सिर्फ सच्चा मन, आत्मा व आत्मज्ञान, जिसमें रहता हरदम हम सबका एक ही ईश महान जो पहचाने व सुने उसको, वही है धार्मिक इंसान। धर्म नहीं सिर्फ पूजा-पाठ व ईश […]
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