लक्ष्य हो स्वयं को जानना और कर्त्तव्य को पहचानना, उद्देश्य हो, रूचि के अनुसार ज्ञान हासिल करना कौनसा काम पहले हो, ये तय जरूर करना ताउम्र विद्यार्थी बनकर सद्गुरु की शरण में रहना ताकि रह सको ईर्ष्या, द्वेष व भेदभाव से दूर सीखना जीवन को गुणकारी व उपयोगी बनाना समग्रता से खिलना, खुलना और खेलना […]
Read Moreहर एक की ख्वाइश होती है बच्चों को अच्छी शिक्षा देने की, इसके हैं चार स्तम्भ, अभिभावक, शिक्षक, बच्चे व सरकारें इन सबके सुदृढ़ होने से ही सुधरेगी हालत दुनिया की। जागरूक होकर निभानी होगी अभिभावकों को भूमिका, न झाड़े पल्ला, अच्छी स्कूलों में भारी फीस देकर ताउम्र असर रहता है परिवार के माहौल व […]
Read Moreमन हो तो पूजा-पाठ जरूर करना अपने इष्ट का, ढोंग, दिखावा व ढिंढोरा मत पीटना इसका बुराई मत करना अन्यों की अर्चना की विधि का है यह मसला अत्यंत निजी व अपनी-अपनी सोच का किसी को अधिकार नहीं इस पर सवाल उठाने का। धर्म की संकुचित सोच हो रही है विनाशकारी, मजहबी कट्टरता व जड़वाद […]
Read Moreआती है हर पल व सांस के साथ नई-नई चुनौतियां, नहीं आया पहला सांस तो ख़त्म है जीवन वहीँ पर, बचपन में दुलार की कमी से आती है आपत्तियां। जरूर टूटता है बचपन माँ-बाप के झगड़ों से, ध्यान देना, बच्चे सीखते हैं हर शब्द अभिभावकों से विनम्रता व मधुर शब्दों से ही बतलाना उनसे कर्कश […]
Read Moreमन, मस्तिष्क में है मोहक व असीमित क्षमता, मन व दिमाग है अलग-अलग जुड़वा भाई, दोनों के सामंजस्य के बिना पत्ता भी नहीं हिलता। सवाल उठता है – क्या मन व मस्तिष्क है अलग? प्रश्न है जटिल व वाजिब, उत्तर है बेहद सरल, दिमाग है भौतिक वस्तु, अदृश्य है मन, मानो या ना मानो यह […]
Read Moreयह शीर्षक कई महाशयों को नापसंद होगा, बहुत तथ्यों को खगोल कर रची है यह कहानी दिल की बात कहने से मेरा मन जरूर शांत होगा। भावी पीढ़ी के लिए यह विचार है उपजा, बिन मांगे राय है यह फिर भी थोड़ा गौर करना उसके उपरांत अगर देना चाहो तो दे देना मुझे सजा। व्यक्तित्व […]
Read Moreसहकर्मी मिलेंगे अनेक तरह से, कुछ को ही आप चुन पाते हैं, बाकी तो जुड़े होते हैं आपके कर्म व पेशे से। सतर्कता व छानबीन करके ही चुनना सेवादार, गलत सेवक से रहता है चरित्र व जानमाल को खतरा, गुणवान का चयन करके बना लेना उसको आधार बर्ताव में रखना प्यार व करुणा का मिश्रण […]
Read Moreहम पनपते, पलते व विकसित होते परिवार से, जरूर कुम्हला जायेंगे कुटुंब से दूर होने पर, सदैव जुड़े रहना अपने कुनबे की जड़ों से, कई पहियों व कलाओं से चलता है मानव जीवन, मित्रता व आदर भाव बरक़रार रखें जीवनसाथी से। सामंजस्य बिठाये पति-पत्नी वरना लग जाएगा ग्रहण, अहम है माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी, आनंद के […]
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