कृतज्ञता से मिलती है ख़ुशी और संतुष्टि जीवन में, अपनाएं रखना इसे सदैव अपनी जागरूकता से, यह मदद करती है आपके बिगड़े सम्बन्ध सुधारने में आभारी रहना माता-पिता का जिन्होंने आपको पाला-पोसा मत भूलना उनके कष्टों को जो झेले हैं आपको लायक बनाने में कमी ना हो इनको धन्यवाद देने व आभार प्रकट करने में […]
Read More(सम्मान व सेवा सदैव करते रहें) ईश्वर के साक्षात रूप होते हैं माता-पिता व शिक्षक, इनकी सेवा-सुश्रुषा जरूर करते रहना आजीवन पाते रहना इनका आशीर्वाद ताकि कभी नहीं बनो भिक्षुक । जो कुछ हासिल किया है व करोगे, होगा उन्हीं की बदौलत, अच्छा दोस्त व जीवन साथी भी होता है गुरु का ही रूप गुणीजनों […]
Read Moreबिना मांगे सलाह देने वाले बहुतेरे हैं इस जगत में, आप भी ध्यान रखें, मत हो जाना शामिल इस भीड़ में जब जरुरत पड़े सलाह की तो अनुभवी लोगों से ही बतलाना दम होता है तजुर्बेदार और सफल हुए लोगों की राय में । अच्छे और निस्वार्थ लोगों को गौर से अवश्य सुनना, सुनना सबकी […]
Read Moreआलोचक को सकारात्मक तरीके से ठीक से सुनना, आलोचना के सत्य और तथ्य को समझना । आलोचना करती है आपको दर्पण दिखाने का काम, सच्चे आलोचक से हो जाती है उजागर हमारी कमियां तमाम यह होते हैं हमारे भला चाहने वाले यह निखार लायेंगे हमारे हुनर में व सुधरेंगे हमारे सब काम। रखना इनको आस-पास, […]
Read More(यह आपको भीतर से खोखला कर देगी) ईर्ष्या की भावनाओं से तो बिगड़ जाएगा सब कुछ आपका, यह मजबूर कर देगी आपको घुट-घुट कर जीने को ईर्ष्या से बचोगे तो सुधरेगा वर्तमान व भविष्य आपका ईर्ष्यालु बन जाते हैं निंदक व झगड़ालू बिगाड़ लेते हैं संतुलन अपनी मानसिक शांति का ईर्ष्या है लालच का ही […]
Read Moreआपने एक अच्छी पारी खेली है इसका उत्सव जरूर मनाना, तैयारी पहले से रखना ताकि बने आगे का जीवन स्वर्ण युग अगर हो सके तो समय रहते कोई न कोई नई ट्रेनिंग जरूर लेना बदलाव है जीवन का नियम, नए माहौल को ख़ुशी से स्वीकारना भूल जाना पुराने रुतबे को इससे कम होगी परेशानियां मनपसंद […]
Read More(राहत के भवनों में गफलत हो सकती है) भव्य इमारतो में विराजमान है कई पूजनीय न्यायमूर्ति, चक्कर बहुत लगाने पड़ते हैं इनसे मामूली न्याय लेने में भी मामला जटिल है की उम्र बीत जाती है करते-करते खाना पूर्ति कुछ न्यायालयों से राहत की किरणों से अवश्य मिलती है आपूर्ति । अक्सर न्याय बहुत सरल और […]
Read Moreजीवन का सबसे नकारात्मक पहलू है अहंकार, स्वयं को ज्ञानी मानने वाले का अवश्य होता है पतन अहंकारी नहीं कर पाता है अपनी आलोचना स्वीकार । घमंडी जुड़ा रहता है अपनी बेतुकी झूठी जिद पर, गुरूर वाले होते हैं बेहद जिद्दी, नहीं सुनते हैं सही राय इसी वजह से नहीं पहुंच पाते हैं वे बुलंदियों […]
Read More(प्रकृति को सुरक्षित रखना होगा वरना हर तरह का विनाश होता रहेगा) (लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) शिवराम मेहता, एम.डी.(मेडिसिन), सेवानिवृत) प्रकृति और मनुष्य एक दूसरे के पूरक हैं। प्रकृति के साथ मनुष्य का अच्छा तालमेल व उस से मित्रतापूर्ण संबंध सिर्फ मानव ही नहीं अपितु पूरे विश्व के जीव – जगत के सुखमय जीवन और उज्जवल […]
Read Moreथोड़ा क्रोध है स्वाभाविक नुकसान होता है इसकी अति से, अनावश्यक गुस्सा है असभ्यता व अज्ञानता की निशानी यह अक्सर अभिव्यक्त होता है कुकर्म व कठोर वाणी से । यह तुरंत बना लेता है मानव को अपना निशाना, इसका अंजाम सदैव होगा शर्मिंदगी व खतरनाक पछतावा घेर लेगी कई समस्याएं गर बन गए क्रोध के […]
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