व्याकुल मनुष्यों की भीड़ व उम्रदराज होती आबादी मानव शांति से कभी नहीं बैठा,वर्तमान में है अत्यधिक अशांत अनेक उपलब्धियों के बाद भी उसकी फितरत नहीं सुधरी अनगिनत कारण हैं इसके व अछूता नहीं है कोई भी प्रांत । शीर्ष पर पहुंची हुई वैज्ञानिक उन्नति के बावजूद, संकट में है सम्पूर्ण सृष्टि, मानवता व जीव […]
Read Moreमाया के बारे में कुछ कहना, लिखना नहीं है आसान काम, माया शब्द, कई गूढ़ार्थ समेटे हुए हैं स्वयं में अचरज घटनाओं को भी देते आए हैं माया का ही नाम । उस शक्ति को भी कहते हैं माया जो सब कुछ करने में है समर्थ, प्रकृति व ब्रह्म के रूप को भी माना जाता […]
Read Moreदो ही है इस धरा पर आपके परम और निकटतम मित्र, एक हैं आप स्वयं और दूसरा है आपका जीवन साथी यह दो पहिए वाली गाड़ी है हमारी जिंदगी का महान यंत्र । नहीं रुकेगी गाड़ी अगर दोनों सारथी हैं सक्षम और स्वस्थ, हर कोशिश करना ताकि रहे आपका तन और मन तंदुरुस्त रखना सोच […]
Read Moreसृष्टि पर है स्वर्ग, जरूरत है आंखें खोलकर निहारने की, हरी- भरी धरती पर रंग-बिरंगे फूलों की है भरमार यहां हैं यहां रसीले फल, कमी नहीं है हर तरह के भोजन की इठलाती नदियों की पनिहारी मिलेगी यहां शुद्ध पानी लाने को चीत्ताकर्षक छवि निहारना पर्वत के सीने से झरते झरनों की विशालकाय समुद्र में […]
Read More(70वां जन्मदिन) यह विशेष दिन है प्रभु व असंख्य लोगों को धन्यवाद देने का, याद अवश्य रखना जो रहे हैं आपके मददगार यह शुभ अवसर तो फल है उन्हीं के आशीर्वादों का । स्मरण रहे अनेक लोगों का रहा है इसमें योगदान, मानता हूं आप भी तो रहे हैं बेहद सावधान तभी तो हासिल कर […]
Read Moreमसला है धर्म और आस्था का, कुछ लिखना होगा टेढ़ा काम, बहुत लोगों को लगेगा बुरा, दिखाएंगे आंख और होंगे नाराज माफ करना मुझे, करबद्ध विनती है सरे – आम । मत शामिल होना आस्था के नाम पर जनसमूह में, भीड़ के साथ अर्चना करने से नहीं मिलेगा अधिक आशीर्वाद इबादत तो फलित होती है […]
Read More(शांति मिलेगी) अनाप-शनाप गलत इच्छाओं से बढ़ जाती है बेतुकी जरूरतें, भर लेते हैं घर कई तरह के फालतू सामान इकट्ठा करके बन जाता है कबाड़ आपका आशियाना इस सामान के रहते घर में ही नहीं, यह आपके मस्तिष्क में भी घेरता है जगह कैसे रहेगा घर व्यवस्थित व मस्तिष्क शांत इन सबके चलते । […]
Read Moreउचित विचार, उचित वाणी तथा उचित क्रिया है पुण्य, अवश्य होगी भलाई सत्य, शिव,तथा सुन्दर से जुड़ने पर जो दूसरों की बुराई चाहता है वह होता है हर खजाने से शुन्य हर धर्म के अच्छे उपदेशों को अपनाता है पुण्यात्मा, सदगुण संपन्न मनुष्य देता है हर मानव को बराबर का दर्जा हर धर्म के अनुयायी […]
Read More(छोटी – मोटी सेवा अवश्य करते रहना) अनेकों घावों से ग्रसित हैंं दुनिया के कई लोग, कुछ तो मरहम लगाना इनके जख्मों पर निकल कर “स्व” की सीमाओं से बाहर लगाना सेवा का भोग इससे घटेगा आपका अहम व समाप्त होगी स्वार्थपरता स्वार्थपरायण व अहंकार के खत्म होने से मिटते हैं सब रोग । धैय […]
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