यह है हमारे जीवन का प्रथम मील का पत्थर,
सही वक्त होता है यह भविष्य के बारे में मुख्य निर्णय लेने का
आलस्य व लापरवाही से तो गलतियां होती हैं अक्सर ।
तुरंत सुधारना जो गलतियां हो जाती हैं यौवन की मदहोशी में,
सतर्क नहीं हुए तो जरूर धकेल लोगे अपने जीवन को अंधेरे में
अपना खेल खुद खेलना होगा सिद्धांतों पर कायम रहकर
कड़ी मेहनत एवं प्रतिबद्धता से बढ़कर कुछ नहीं जीवन में
सीखते रहना व माहिर बनना अपने कार्य क्षेत्र में
विजय जरूर होंगे स्वास्थ्य और खुद पर ध्यान दे कर
ध्यान और व्यायाम को शामिल जरूर रखना दिनचर्या में
परिपक्व समय है यह अपने जीवनसाथी का चयन करने का
चयन सही हो, मत आ जाना कामावेश के आवेग में
जरूर करना जो आपको पसंद हो पर ध्यान रहे नैतिकता का
माया की थोड़ी बचत का भी ध्यान रखना हर हाल में
थोड़ी मौज मस्ती ठीक है पर सारे पैसे उसी में मत उड़ा देना
समय बर्बाद कतई ना हो सोशल मीडिया व बेतुकी पार्टियो में ।
हर बुरी आदत से दूर रहकर एक अच्छा शौक जरूर पालना,
कभी भी अहंकारी या संकीर्ण दिमाग वाले मत बनना ।
सदैव याद रखना आपसे कई गुना महान मानव है इस जहां में,
कमी ना हो आपके बुजुर्ग होते माता-पिता की सेवा में ।
लेखक – लेफ्टिनेंट जनरल (डॉक्टर) शिवराम मेहता, सेवानिवृत
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