यह दुनिया उसी की है जो मुस्कुराते, हँसते हुए व पूरे
आत्मविश्वास के साथ इसे जीतने निकला है।

रखना इसे अधिकतर अंदरूनी ,

यह होगी आपकी असीम ताकत

बेवजह व गलत मौके पर नहीं मुस्कुराना

इससे अक्सर हो जाती है बेहद हानि।

अकेले में जरूर हंसना व प्रभु का धन्यवाद करना,

करना हो कठिन कार्य तो मुस्कराहट को ओढ़े रहना

परेशानी में तो प्रसन्नता कभी मत छोड़ना,

मुस्कान ही उभारेगी हर तरह की पीड़ा से हर घड़ी,

राय बहुत सटीक है, आज़मा कर जरूर देखना

गुस्से में और कपट पूर्ण मुस्कान से हरदम बचना।

अनुचित हंसी कष्ट दे सकती है औरों को,

ग़लतफहमी भी हो सकती है कई भोले-भालों को।

कुटिल मुस्कान नुकसानदायक होती है,

झूठी हंसी से स्वाभाविक हंसी जैसे फायदे नहीं होते

मुस्कराहट हो निश्छल, निष्कपट, खुल्लम-खुल्ला

गलत लोगों व जगह पर कतई मुस्कुराना नहीं है।

सही जगह व समय की मुस्कान में दम है बेशुमार,

यही है मस्तिष्क व शरीर का अनमोल आहार।

बुद्धिमत्ता व सफलता का यह है पहला सोपान,

इस से बढ़कर कोई नहीं मजबूत रिश्ते का पायदान।

आपका अंदरूनी उत्कृष्ट पराक्रम है यह,

दुश्मनी मिटाने का एक कारगर तरीका भी है यह।

ठान लो, पहन लो, मधुर मुस्कान हर हाल में,

जीत लो खुद, संसार व प्रभु को इसकी आड़ में।

Constant cheerfulness is the first sign of wisdom.

ले. जनरल (डॉ.) शिवराम मेहता (रिटायर्ड)