सुखी रहना है तो गलती स्वीकारने में हिचकिचाना नहीं

गलती स्वीकार करने वाले होते हैं जिम्मेदार व भरोसेमंद इंसान

माफी मांगने से आप बड़े होते हैं, छोटे नहीं

माफ करना व माफी मांगना दोनों है बुद्धिमता की निशानी

क्षमा बड़न को चाहिए छोटन को उत्पात- ‘कह गए थे रहीम दास

नियंत्रण करना अहंकार को वरना बन जाओगे अभिमानी

यीशु ने यहुदियों को माफ किया था जिन्होंने चढ़ाया था उनको सूली पर

क्षमा है महान दान, प्रेम का परिधान व नफरत का असली निदान

ध्यान देना भगवान महावीर व कविवर दिनकर की शिक्षा पर 1,2

माफ करना माना जाता है देवी संपदा का प्रमुख गुण (3)

पी जाना गुस्से को कर देना दूसरों के कसूरों को माफ

यही है कुरान की खास सीख, आप अवश्य अपनाना यह सद्गुण (4)

बदला लेने की भावना से तो अवश्य पैदा होते हैं कई अवगुण

हाॅं,खूंखार अपराधी नहीं होते हैं माफी के हकदार

जगत का होगा भला, जब रखोगे इन लोगों की सजा बरकरार

संदर्भ

  1. क्षमा वीरस्य भूषणम – क्षमा वीरों का आभूषण है । — भगवान महावीर
  2. क्षमा शोभती उस भुजंग को जिसके पास गरल हो ।
    क्षमा करना शक्तिशाली और सामर्थ्यवान व्यक्ति को शोभा देता है । — राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर
  3. क्षमा करना दैवी सम्पदा को लेकर उत्पन्न हुए पुरुष का प्रमुख लक्षण है । — श्रीमद्भगवद्गीता , 16-3
  4. जो गुस्से को पी जाते हैं और दूसरों के कसूरों को माफ़ कर देते हैं ऐसे नेक लोग अल्लाह को बहुत प्रिय है । – सूरा – 3, आले इमरान – 134 ,कुरआन मजीद

लेखक – लेफ्टिनेंट जनरल (डॉक्टर) शिवराम मेहता, सेवानिवृत