(यह बहुत बुरी बला है)
लोभ से बचना वरना कभी नहीं होगा आपका उद्धार,
लालच है अंतहीन, यह कराता है सर्वनाश
भगवत गीता की सीख – लोभ, काम, क्रोध है नरक के द्वार।
प्रलोभन के कुविचारों से आती है हर रिश्ते में दूरी,
बाइबिल की चेतावनी लालची कर देगा पूरे घराने को दुखी
इसी वजह से बन जाता है भाई-भाई का बैरी।
धन का लोभ है मूल जड़, हर झगडे व बर्बादी की,
कभी भी इज़्ज़त नहीं होती ऐसे इंसानों की,
लुका की भी सलाह है हर प्रकार के लोभ से बचने की
दुनिया के सात महापापों में भी बात होती है तृष्णा की
शतयायनीय उपनिषद भी देता है लोभ से बचने के उपदेश
कुरान में भी कई हिदायतें हैं लालच से दूर रहने की
बुद्धा ने भी बताएं है लालच, गुस्सा, व अज्ञानता मानव के तीन दुश्मन।
यही कराते पूरी सृष्टि का सर्वनाश व अनबन।
स्वार्थ से ग्रस्त कभी नहीं हो सकता हितैषी किसी का,
घातक होता है लालच शीर्ष पर बैठे मुखिया व नेता का।
महाविनाश व युद्ध कराते आये हैं ऐसे प्रलोभी आज तक,
न यह खुद जिये हैं व जीने दिया है जनता को चैन से
अंतिम साँसों तक।
साइबर व वर्तमान के समस्त जुर्मों का मुख्य कारण भी है लालच ही,
बहुत कुछ सुधरेगा लोभ की भावना व आदत को रोकते ही।
बचना कठिन हो सकता है पर नहीं है नामुमकिन
जरूर कोशिश करना हर तरह के प्रलोभन से बचने क
संभव होगा ज्ञान से व जब रखोगे खुद व ईश्वर पर यकीन।
सही व अच्छी इच्छा व लालच में फ़र्क़ जरूर करना,
कुछ और भी उपाय बता रहा हूँ उन पर भी गौर करना
अपनी जरूरतें व इच्छाओं को संतुलित व सिमित रखना
देखा-देखी करना है, लालच का ही रूप, इसको मत अपनाना।
लेने से ज्यादा आनंद होता है देने में
अगर आप से कोई कुछ मांगे तो इस पर जरूर गौर करना
ऊपर वाले ने आपको देने वालों में रखा है
नहीं रखा है मांगने वालों में।
मांगने वाले को कुछ न कुछ तो जरूर दिया करो,
रहो आनंदमय शुक्रगुज़ार प्रभु के और जग का भला किया करो।
प्रेम व शुद्ध विचार बांटने से भी जरूर बच जायेगा
आपके पास बेशुमार व अद्भुत खजाना,
मैंने इसमें से कुछ अपनाया है इसलिए मैं चाहता था आपको बताना।
सन्दर्भ
- त्रिविधं नरकस्येदं द्वारं नाशनमात्मनः।
कामः क्रोधस्तथा लोभस्तस्मादेतत्रायं त्यजेत।।
काम, क्रोध तथा लोभ – ये तीन प्रकार के नरक के द्वार
आत्मा का नाश करने वाले अर्थात उसको अधोगति में
ले जाने वाले हैं, अतएव इन तीनो को त्याग देना चाहिए – गीता – 16:21
- Bible, Proverbs 15:27 – लालची अपने घराने को दुःख देता है।
- People curse greedy man, Proverbs 11:26
- चौकस रहो और हर प्रकार के लोभ से अपने आपको बचाये रखो, पवित्र बाइबिल, लुका, 12:15
- सात घातक पापों (7 Deadly Sins) की आधुनिक अवधारणा चौथी शताब्दी के भिक्षु इबाग्रियस पोंटिकस के कार्यों से जुडी हुई है। यह इस प्रकार है – लालच, गर्व, वासना, ईर्ष्या, क्रोध, सुस्ती व लोलुपता (खाऊपन)।
- By overcoming lust, anger, greed, delusion, deceit, arrogance, and conceit —– on can become immortal in this very world. Shatyayaniya Upnishad.
- The Holy Quran, Sura: 102-AT-TAKATHUR – This sura gives a warning against acquisitiveness (लालच) etc. – The passion of pilling up quantities or numbers….leaves no time or opportunity for pursuing the higher things of life.
ले. जनरल (डॉ.) शिवराम मेहता (रिटायर्ड)
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