ईमानदारी से जीवन यापन करने में अक्सर आती है कठिनाईयाँ

कुछ भी हो अनुशासित रहकर अनैतिकता से दूर रहना

संघर्ष और सत्यनिष्ठा के बिना हासिल नहीं होती ऊँचाइयाँ।

इस राह पर मुश्किलें होंगी अनेक पर आप पराजित नहीं होंगे,

सत्य कड़वा हो सकता है पर इसके परिणाम सदैव अच्छे होंगे।

सच्चा प्यार, प्रतिष्ठा और आदर मिलता है निष्कपट व्यव्हार से,

ना हो कथनी व करनी में फ़र्क़ ताकि जीत सको विश्वास सबका

बहुत कुछ खरीद सकते हो ईमान बेचकर कमाए धन से

सुकून मिलता है सिर्फ सत्यपरायणता की माया से

निश्छल मानव रहता है ऊर्जावान व बचता है कई बीमारियों से।

ईमानदार व्यक्ति ही आसानी से स्वीकारता है अपनी कमियाँ,

बहुत सामर्थ्यवान बन जाता है सुधार के अपनी कमजोरियाँ।

कर पाता है हर काम खुलेआम निडर होकर,

जुड़ने लगते हैं कई सहकर्मी इन खरे लोगों की मदद को

ऐसे कुछ लोग मिटायेंगे भ्रष्टाचार व बुराइयाँ सब मिलकर।

सकारात्मकता मय सार्वभौमिक प्रगति होगी इन्हीं महानुभावों से,

आज समूचे संसार को बेहद उम्मीदें हैं कुछ ऐसे ही लोगों से

झूठे लोगों की भीड़ ने तबाही मचा रखी है हर जगह

बहुत कष्ट झेल रहे हैं जीव-जंतु बेईमानों की करतूतों से।

इन्हीं लोगों ने अशुद्ध कर दिया है पर्यावरण व हवा पानी को,

सावधान करना चाहूंगा इन पथभ्रष्ट घमंडी झूठे लोगों को

जरूर कांपेगी कब्र में रूह जिन्होंने गले लगाया था बेईमानी को

नहीं जलती है आत्मा झूठे लोगों की, चिता की आग से

हो सकता है आप नहीं मानते होंगे आत्मा के अस्तित्व को।

सुख-चैन जरूर छूट जाएगा जो बच जाएंगे आपके पीछे यहाँ,

लज्जित होना पड़ेगा उनके शेष परिजनों को

वो बेचारे मुँह छुपाते फिरेंगे यहाँ और वहाँ।

लेखक – लेफ्टिनेंट जनरल (डॉक्टर) शिवराम मेहता, सेवानिवृत