दिनचर्या

प्रकृति में अत्यंत व्यवस्थित है हर सजीव-निर्जीव की दिनचर्या,

सब ग्रह घूम रहे हैं हर क्षण अपने नियमों के अनुसार

कहीं भी नहीं है इसमें कतई हेर फेर की कोई भी क्रिया।

देखा होगा घर के चारों ओर पशु-पक्षियों का क्रियाकलाप,

यह करते हैं अपना कार्य सही समय व पूरी नियमितता से

हम सुनते हैं मुर्गों व कई पक्षियों का सही समय पर अलाप

कभी नहीं चूकते यह, हम ही हैं जो करते हैं बेसमय अलाप।

सीखनी होगी नियमशीलता व रखना समय का ध्यान इनसे,

सही दिनचर्या से कम होगी थकान, कर लोगे कई कठिन काम

समय का सदुपयोग व उन्नति का मार्ग भी सुगम होता है इसी से।

सफल होते हैं जो करते हैं हर क्षण का सटीक उपयोग,

व्यवस्थित रहने से बचेगा समय, कर पाओगे उसका सदुपयोग।

निकल जाते हैं बहुत लोगों से आगे वे इसी तरकीब से,

निर्धारित रखना समय सोने, जागने, वर्जिश व मनोरंजन का

मत अपनाना ज्यादा लचीलापन व बचना टालम-टोल से।

रखना समय निर्धारित ध्यान और परम शक्ति से जुड़ने का

शान्ति व सफलता का सीधा सम्बन्ध होता है आध्यात्मिकता से,

आज व अभी को न लें हलके में, मत करना भरोसा कल का,

एक पल भी अगर बर्बाद हो गया तो वह नहीं मिलेगा दोबारा

करना कदर समय की, जरूर करना सदुपयोग हर क्षण का,

समय बहुत बलवान है इसके सदुपयोग से ही मिलती है सफलता

आलस्य और उतावलापन दोनों बिगाड़ेंगे हर काम आपका

रहना व्यवस्थित ताकि कर सको हर जरुरी काम समय से

थोड़ी भी चूक हुई तो बिगड़ सकता है सम्पूर्ण भविष्य आपका।

रिटायरमेंट पर बदलेगी दिनचर्या इसकी तैयारी पहले ही करना,

स्वीकारना परिवर्तन खुले दिल से और रहना हरदम ऊर्जावान

बहुत जरुरी है इस दौरान अपने सम्पूर्ण स्वास्थ्य का ध्यान रखना

बरक़रार रखना आदत घूमने, टहलने, और मेल-जोल की

बहुतों को आपकी जरुरत है थोड़ी सेवा व मदद करते रहना

दिनचर्या में शामिल हो अपनों की देखभाल का समय

प्रेमभाव में कमी ना हो, लोगों के सुख-दुःख में शामिल होना

उदासी से दूर, भरपूर नींद लेकर पौष्टिक भोजन लेते रहना

मानव एक पेशे से रिटायर हो सकता है तन-मन से नहीं

गर ख़ुशी चाहिए अंतिम सांसों तक तो दिनचर्या सही रखना।

लेखक – लेफ्टिनेंट जनरल (डॉक्टर) शिवराम मेहता, सेवानिवृत

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1 Comment

  1. Khem Chand Rewad

    “Jeevan Darshan is a wonderful compilation on life . ” A prudent reading and rational thinking on the jeevan mantras/sutras dwelt in the book may help even an ordinary man to achieve the best in his life right from improving his economic condition to his last goal of ones life i.e. spiritualism and over coming the fear of death. Regards and best wishes for the author.
    Khem Cjhand Rewad, IRS Retd, Jaipur

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