Category: Poem Page 8 of 9

जरूर बचना लालच से

(यह बहुत बुरी बला है) लोभ से बचना वरना कभी नहीं होगा आपका उद्धार, लालच है अंतहीन, यह कराता है सर्वनाश भगवत गीता की सीख – लोभ, काम, क्रोध है नरक के द्वार। प्रलोभन के कुविचारों से आती है हर रिश्ते में दूरी, बाइबिल की चेतावनी लालची कर देगा पूरे घराने को दुखी इसी वजह […]

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धीरज – हमारा अमूल्य आभूषण व अचूक शक्ति

Patience is our most valuable ornament and super power. धीरज है सुखी मानव का महानतम आभूषण, अधीरता से नहीं कोई बड़ा अवगुण । अनहोनी व विपत्ति को पार कर लेते हैं धैर्यशाली लोग, उतावलापन पैदा करता अनेक भयंकर रोग । धैर्य की कमी से बिगड़ते जाते है बनते हुए काम, सब्र व सहनशीलता आपको नहीं […]

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वाक शक्ति

इस अध्भुत व महाशक्ति का सदुपयोग ही करना सबसे महत्वपूर्ण व अनुपम ईश्वरीय देन है यह हमें, इसी से बने हैं हम अद्वितीय अन्य जीवों की तुलना में। कई शास्त्रों ने शब्द को ही माना है ब्रह्म, ध्यान रहे शब्दों में क्षमता होती है अहम्। बाइबिल बताती सृष्टि की उत्पत्ति सिर्फ शब्द से, सनातन धर्म […]

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बच्चों की शिक्षा व अभिभावक

घर का माहौल रखें प्रेममय व करुणा से ओत-प्रोत, ताकि बने हम सब का जीवन पूरा आनंद का स्रोत। घर का परिवेश ही है परम विद्यालय, हर पीढ़ी के लिए न था न होगा इससे महान आलय। परम व पहली गुरु है माँ, फिर आता बापू का नंबर, ध्यान रहे यह परम सत्य वरना आपके […]

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जन्नत का सपना (मस्तिष्क को परामर्श)

पलक लगते ही मैं पहुँच गया जन्नत के द्वार पर, खोले पट दरबानों ने, दिखे देवता अपने आसनों पर पहचान गया इंद्र देव, यीशु व रिजवाना* को झट खड़े हुये, सबने दिया बराबर का आसान मुझको। ख्वाइश की मैंने वहां के बासिंदों दे मिलने की, हाज़िर हो गये सब, हुक्म हुआ पहचान करो अपनों की। […]

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बचपन से किशोरावस्था (बृह्मचर्य आश्रम)

बचपन व जवानी के मध्य का वक्त है बेहद महत्वपूर्ण, नहीं कह सकते उसे बालक, न व होता व्यस्क पूर्ण अभिभावक सतर्क रहे वरना बिखर जायेगा बच्चों का जीवन सम्पूर्ण। दोष नहीं किशोरों का, होते हैं बहुत शारीरिक व अंत: – स्त्रावी बदलाव, हो सकते हैं भावनात्मक रूप से असंतुलित करते रहते हैं कुछ गलतियां […]

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समय

समय नहीं रुकता किसी के लिए, रहता निरंतर गतिमान, हर क्षण है बेशुमार कीमती, है धन से भी ज्यादा मूल्यवान इसका बेहतरीन प्रबंधन रखेगा आपकी हर क्षेत्र में शान। करना इसका निवेश सोच-समझकर, अगर खो दिया आलस्य व व्यर्थ के कामों में, तो नहीं आएगा वापस लौट कर। समय की बर्बादी की सजा मिलती है […]

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मृत्यु पर जीत (बन्धन मुक्ति का उत्सव)

मृत्यु है अंतिम परम सत्य जो कराती मुक्त हर बंधन से, डरना क्यों जब बच नहीं सकते किसी चीज़ से। नहीं जान पाओगे कब और कैसे होगी, पर होगी जरूर, करते रहना तैयारी, पर फिक्र मत करना मेरे हुज़ूर चिंता तो अवश्य कर देगी अधमरा जीने को मजबूर। पूर्ण आनंद उठाना वर्तमान के हर क्षण […]

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समझो धर्मों की पवित्रता

ख़ास धर्मों को समझा व जिया है करीब से, हर धर्म का मर्म है बेहद पावन सबका आदर करता रहूँगा तहे दिल से। धर्म है सिर्फ सच्चा मन, आत्मा व आत्मज्ञान, जिसमें रहता हरदम हम सबका एक ही ईश महान जो पहचाने व सुने उसको, वही है धार्मिक इंसान। धर्म नहीं सिर्फ पूजा-पाठ व ईश […]

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बदलते परिवेश में जरूर बदलें (बच्चों की शिक्षा व हमारा जीवन)

मानव फितरत व समय बदलते दोनों बेहिसाब, तकाजा है हम बदले हर क्षण ताकि रहे जमाने के साथ, न बदलने से बढ़ सकता है तनाव, रह सकते हैं अधूरे हमारे बहुत से ख्वाब। घर का माहौल हो प्रेममय व करुणा से ओत-प्रोत, ताकि बना रहे हरेक का जीवन आनंद का स्रोत। दो निर्मल पारम्परिक सीख […]

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