Category: Poem Page 6 of 9

माँ

हर जीव की जननी से महान कोई नहीं सृष्टि में, देखा होगा मादा पक्षियों को अंडों को सेते हुए, कितने प्यार से बच्चों को वे दाना देते हैं उनकी चौंच में। लगाए रखती है वानरी मृत शावक को भी छाती से, भिड़ जाती है कई मायें अपने से ताकतवर जानवरों से, बचाने को अपने मासूमों […]

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दोस्त व संगति – दूरियां किनसे रखें

Without friends, no one would want to live, even if he had all other goods. — Aristotle यह रिश्ता हम खुद बनाते हैं बाकी मिलते हैं विरासत में, मित्र हो बराबर प्रतिष्ठा वाला, दूर रहना दबंग लोगों से, गलत दोस्त धकेल देते हैं अंधियारे गलियारों में अच्छा दोस्त ही ताउम्र राह दिखाता है मुसीबतों में […]

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लक्ष्य अवश्य बनाएं

लक्ष्य हो स्वयं को जानना और कर्त्तव्य को पहचानना, उद्देश्य हो, रूचि के अनुसार ज्ञान हासिल करना कौनसा काम पहले हो, ये तय जरूर करना ताउम्र विद्यार्थी बनकर सद्गुरु की शरण में रहना ताकि रह सको ईर्ष्या, द्वेष व भेदभाव से दूर सीखना जीवन को गुणकारी व उपयोगी बनाना समग्रता से खिलना, खुलना और खेलना […]

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शिक्षा

हर एक की ख्वाइश होती है बच्चों को अच्छी शिक्षा देने की, इसके हैं चार स्तम्भ, अभिभावक, शिक्षक, बच्चे व सरकारें इन सबके सुदृढ़ होने से ही सुधरेगी हालत दुनिया की। जागरूक होकर निभानी होगी अभिभावकों को भूमिका, न झाड़े पल्ला, अच्छी स्कूलों में भारी फीस देकर ताउम्र असर रहता है परिवार के माहौल व […]

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पूजा-पाठ, आस्था, ध्यान, धर्म व हमारा अस्तित्व

मन हो तो पूजा-पाठ जरूर करना अपने इष्ट का, ढोंग, दिखावा व ढिंढोरा मत पीटना इसका बुराई मत करना अन्यों की अर्चना की विधि का है यह मसला अत्यंत निजी व अपनी-अपनी सोच का किसी को अधिकार नहीं इस पर सवाल उठाने का। धर्म की संकुचित सोच हो रही है विनाशकारी, मजहबी कट्टरता व जड़वाद […]

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मुस्कान

यह दुनिया उसी की है जो मुस्कुराते, हँसते हुए व पूरे आत्मविश्वास के साथ इसे जीतने निकला है। रखना इसे अधिकतर अंदरूनी , यह होगी आपकी असीम ताकत बेवजह व गलत मौके पर नहीं मुस्कुराना इससे अक्सर हो जाती है बेहद हानि। अकेले में जरूर हंसना व प्रभु का धन्यवाद करना, करना हो कठिन कार्य […]

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जीवन की शुरूआती चुनौतियां व समाधान

आती है हर पल व सांस के साथ नई-नई चुनौतियां, नहीं आया पहला सांस तो ख़त्म है जीवन वहीँ पर, बचपन में दुलार की कमी से आती है आपत्तियां। जरूर टूटता है बचपन माँ-बाप के झगड़ों से, ध्यान देना, बच्चे सीखते हैं हर शब्द अभिभावकों से विनम्रता व मधुर शब्दों से ही बतलाना उनसे कर्कश […]

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मन, मस्तिष्क (दिमाग), मानसिकता व विचार

मन, मस्तिष्क में है मोहक व असीमित क्षमता, मन व दिमाग है अलग-अलग जुड़वा भाई, दोनों के सामंजस्य के बिना पत्ता भी नहीं हिलता। सवाल उठता है – क्या मन व मस्तिष्क है अलग? प्रश्न है जटिल व वाजिब, उत्तर है बेहद सरल, दिमाग है भौतिक वस्तु, अदृश्य है मन, मानो या ना मानो यह […]

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संतान दो जरूर हो – दो से अधिक ठीक नहीं

यह शीर्षक कई महाशयों को नापसंद होगा, बहुत तथ्यों को खगोल कर रची है यह कहानी दिल की बात कहने से मेरा मन जरूर शांत होगा। भावी पीढ़ी के लिए यह विचार है उपजा, बिन मांगे राय है यह फिर भी थोड़ा गौर करना उसके उपरांत अगर देना चाहो तो दे देना मुझे सजा। व्यक्तित्व […]

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सहकर्मियों एवं अधीनस्थों के साथ बर्ताव

सहकर्मी मिलेंगे अनेक तरह से, कुछ को ही आप चुन पाते हैं, बाकी तो जुड़े होते हैं आपके कर्म व पेशे से। सतर्कता व छानबीन करके ही चुनना सेवादार, गलत सेवक से रहता है चरित्र व जानमाल को खतरा, गुणवान का चयन करके बना लेना उसको आधार बर्ताव में रखना प्यार व करुणा का मिश्रण […]

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