Category: Poem Page 5 of 9

भूतकाल वर्तमान व भविष्य

वर्तमान का हर क्षण ही होता है सर्वाधिक उपयुक्त समय, आज व अभी का मन्त्र करता है अकल्पनीय चमत्कार इसका सदुपयोग व आज के सही कर्म सुधारेंगे आपका भविष्य इस क्षण को महत्व देने से बनेगी हर कठिन परिस्थिति अनुकूल वर्तमान का हर पल है शुभ घड़ी, सुन्दर भविष्य के लिए वर्तमान को सुधारना, वर्तमान […]

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सफलता व असफलता की धूप – छाँव

ख्वाइश होती है हरेक की सफलता के शिखर पर पहुँचने की, हासिल वही करते हैं जो जानते व अपनाते इसके सारे गुर सफलता कदम चूमती है जो करते हैं कदर समय की। नहीं चूकते हैं सफल इंसान हर पल का श्रेष्ठतम उपयोग करने से, कुछ भी असंभव नहीं उनके लिए जो रहते हैं भरपूर उत्साह […]

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अर्थ (धन) – कमाना व प्रबंध

सुखी जीवन के लिए अर्थ है जरुरी, इसके बिना नहीं होती है मूलभूत कामनाएं पूरी। कमाना इसे नेकी से वरना उपजेगी बेतुकी कामनाएं, अनीति से अर्जित धन पैदा करेगा बर्बाद करने वाली इच्छाएं। मत बनना सूदखोर वरना बर्बाद हो जायेगी समस्त पीढ़ियां, शक ना हो इस राय पर, काले धन से बर्बादी होती है शर्तिया। […]

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ईमानदारी

ईमानदारी से जीवन यापन करने में अक्सर आती है कठिनाईयाँ कुछ भी हो अनुशासित रहकर अनैतिकता से दूर रहना संघर्ष और सत्यनिष्ठा के बिना हासिल नहीं होती ऊँचाइयाँ। इस राह पर मुश्किलें होंगी अनेक पर आप पराजित नहीं होंगे, सत्य कड़वा हो सकता है पर इसके परिणाम सदैव अच्छे होंगे। सच्चा प्यार, प्रतिष्ठा और आदर […]

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दिनचर्या

प्रकृति में अत्यंत व्यवस्थित है हर सजीव-निर्जीव की दिनचर्या, सब ग्रह घूम रहे हैं हर क्षण अपने नियमों के अनुसार कहीं भी नहीं है इसमें कतई हेर फेर की कोई भी क्रिया। देखा होगा घर के चारों ओर पशु-पक्षियों का क्रियाकलाप, यह करते हैं अपना कार्य सही समय व पूरी नियमितता से हम सुनते हैं […]

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खुश रहने के मंत्र

सम्पूर्ण स्वास्थ्य का ध्यान रखना ही है ख़ुशी का असली आधार, ध्यान देना होगा शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक स्वास्थ्य पर स्वास्थ्य कायम रखना लेकर सात्विक, संतुलित, सम्पूर्ण आहार। स्वस्थ मानव ही खुश रहता है और ख़ुशी बाँट सकता है, अस्वस्थ मनुष्य कैसे करेगा धर्म, ससचिन्तन व अर्थोपार्जन ख़ुशी व सफलता धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष […]

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पर्यावरण पर तुरंत ध्यान देना होगा

आज पूरे विश्व की ज्वलंत समस्या है दूषित समस्त पर्यावरण, वायु, जल, जलवायु व मिट्टी बर्बाद हो रहे हैं हमारे सारे आवरण, वजह है प्राकृतिक संसाधनों का दोहन व प्रकृति से छेड़छाड़ हम सबका जिम्मा है कि करे हम इसका सम्पूर्ण संरक्षण। अब नहीं जागे तो खुल जाएंगे बर्बादी के सब द्वार, विकट संकट है […]

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क़र्ज़ पूरा नहीं चुका पाया

प्रकृति का सम्पूर्ण ऋण चुकाना मुश्किल होता है एक जीवन में, कोशिश की मैंने अभिभावकों व गुरुओं की सेवा करने की कहीं न कहीं कमी रह गयी इन प्रतिक्रियाओं में अब देर हो गयी है, नहीं हो सकता उऋण उनकी कृतज्ञता से जीवनसाथी का कर्ज़ा भी है रह गया बकाया भागा-दौड़ी में। यार-दोस्तों की मदद […]

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मजबूरियाँ

हर पल होती है विवशता अनेकों बार, आएगा कई तरह का दबाव बार-बार अपनाना लचीलापन, धैर्य के साथ बचा लेना भावनात्मक समझ से अपनी हार। झुकने, सहज रहने में फायदा है ऐसे मौकों पर, तालमेल बिठाना अंतर्मन व प्रतिक्रियाओं पर। रहना पड़ सकता है निष्ठुर माँ-बाप के साये में, संभालना खुद को दूर नहीं जा […]

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विद्यार्थी जीवन

“सफलता प्राप्त करने के लिए कठिन परिश्रम करो और ढृढ़ इच्छा रखो तुम अपने लक्ष्य को पाने में निश्चित सफल होंगे।” — स्वामी विवेकानंद है विद्यार्थी जीवन अनमोल शुरू के पच्चीस वर्षों में यह ब्रह्मचर्य आश्रम ही है सफल जीवन का आधार समय का एक क्षण भी बेकार ना हो इस दौरान में सफल वो […]

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