(अज्ञानता से बचने के उपाय) अज्ञानी है वह जो सोचता है उसी की सोच है सही, यह रखते हैं गलत भावनाएं और करते हैं अन्यों की निंदा, ऐसों का उत्थान नहीं होता, वो रुक जाते हैं वहीं के वहीं। बाहरी आडम्बरों पर विश्वास करना भी है अज्ञान की निशानी, ऐसे लोग नहीं समझ पाते हैं […]
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उत्साहित मन ही अपनापाता है दया ,प्रेम और निस्वार्थता, हर कार्य आरंभ करना धैर्य, उत्साह , शुमता और प्रसन्नता के साथ इन्हीं गुणों में छुपी होती है सफल जीवन की विशेषता व्याकुलता और निरुत्साह से मिलती है असफलता । अनेक त्रासदियों के बावजूद सृष्टि अभी भी है अति सुन्दर, जोश से कोशिश करना इसको और […]
Read More(दिखावे और खर्चीले समारोहों से बचें ) उत्सव जरूरी है शुभ अवसरों, त्योंहारों व उपलब्धियां पर, अच्छे मौके कहां आते हैं बार-बार,उनकी यादें जरूर देगी सुकून रखना जीवन का हर क्षण उत्साह व जश्नों की धमाल से भरपूर देख-दिखावे के चक्कर में मत आना भूलकर भी हैसियत से ज्यादा खर्च मत करना किसी भी अवसर […]
Read Moreकृतज्ञता से मिलती है ख़ुशी और संतुष्टि जीवन में, अपनाएं रखना इसे सदैव अपनी जागरूकता से, यह मदद करती है आपके बिगड़े सम्बन्ध सुधारने में आभारी रहना माता-पिता का जिन्होंने आपको पाला-पोसा मत भूलना उनके कष्टों को जो झेले हैं आपको लायक बनाने में कमी ना हो इनको धन्यवाद देने व आभार प्रकट करने में […]
Read More(सम्मान व सेवा सदैव करते रहें) ईश्वर के साक्षात रूप होते हैं माता-पिता व शिक्षक, इनकी सेवा-सुश्रुषा जरूर करते रहना आजीवन पाते रहना इनका आशीर्वाद ताकि कभी नहीं बनो भिक्षुक । जो कुछ हासिल किया है व करोगे, होगा उन्हीं की बदौलत, अच्छा दोस्त व जीवन साथी भी होता है गुरु का ही रूप गुणीजनों […]
Read Moreबिना मांगे सलाह देने वाले बहुतेरे हैं इस जगत में, आप भी ध्यान रखें, मत हो जाना शामिल इस भीड़ में जब जरुरत पड़े सलाह की तो अनुभवी लोगों से ही बतलाना दम होता है तजुर्बेदार और सफल हुए लोगों की राय में । अच्छे और निस्वार्थ लोगों को गौर से अवश्य सुनना, सुनना सबकी […]
Read More(यह आपको भीतर से खोखला कर देगी) ईर्ष्या की भावनाओं से तो बिगड़ जाएगा सब कुछ आपका, यह मजबूर कर देगी आपको घुट-घुट कर जीने को ईर्ष्या से बचोगे तो सुधरेगा वर्तमान व भविष्य आपका ईर्ष्यालु बन जाते हैं निंदक व झगड़ालू बिगाड़ लेते हैं संतुलन अपनी मानसिक शांति का ईर्ष्या है लालच का ही […]
Read Moreआपने एक अच्छी पारी खेली है इसका उत्सव जरूर मनाना, तैयारी पहले से रखना ताकि बने आगे का जीवन स्वर्ण युग अगर हो सके तो समय रहते कोई न कोई नई ट्रेनिंग जरूर लेना बदलाव है जीवन का नियम, नए माहौल को ख़ुशी से स्वीकारना भूल जाना पुराने रुतबे को इससे कम होगी परेशानियां मनपसंद […]
Read More(राहत के भवनों में गफलत हो सकती है) भव्य इमारतो में विराजमान है कई पूजनीय न्यायमूर्ति, चक्कर बहुत लगाने पड़ते हैं इनसे मामूली न्याय लेने में भी मामला जटिल है की उम्र बीत जाती है करते-करते खाना पूर्ति कुछ न्यायालयों से राहत की किरणों से अवश्य मिलती है आपूर्ति । अक्सर न्याय बहुत सरल और […]
Read Moreजीवन का सबसे नकारात्मक पहलू है अहंकार, स्वयं को ज्ञानी मानने वाले का अवश्य होता है पतन अहंकारी नहीं कर पाता है अपनी आलोचना स्वीकार । घमंडी जुड़ा रहता है अपनी बेतुकी झूठी जिद पर, गुरूर वाले होते हैं बेहद जिद्दी, नहीं सुनते हैं सही राय इसी वजह से नहीं पहुंच पाते हैं वे बुलंदियों […]
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