Category: Poem Page 2 of 9

भीड़ से बचना / सावधानियां

मसला है धर्म और आस्था का, कुछ लिखना होगा टेढ़ा काम, बहुत लोगों को लगेगा बुरा, दिखाएंगे आंख और होंगे नाराज माफ करना मुझे, करबद्ध विनती है सरे – आम । मत शामिल होना आस्था के नाम पर जनसमूह में, भीड़ के साथ अर्चना करने से नहीं मिलेगा अधिक आशीर्वाद इबादत तो फलित होती है […]

Read More

ज़रूरतें व सामान कम करें

(शांति मिलेगी) अनाप-शनाप गलत इच्छाओं से बढ़ जाती है बेतुकी जरूरतें, भर लेते हैं घर कई तरह के फालतू सामान इकट्ठा करके बन जाता है कबाड़ आपका आशियाना इस सामान के रहते घर में ही नहीं, यह आपके मस्तिष्क में भी घेरता है जगह कैसे रहेगा घर व्यवस्थित व मस्तिष्क शांत इन सबके चलते । […]

Read More

पाप / पुण्य क्या है ?

उचित विचार, उचित वाणी तथा उचित क्रिया है पुण्य, अवश्य होगी भलाई सत्य, शिव,तथा सुन्दर से जुड़ने पर जो दूसरों की बुराई चाहता है वह होता है हर खजाने से शुन्य हर धर्म के अच्छे उपदेशों को अपनाता है पुण्यात्मा, सदगुण संपन्न मनुष्य देता है हर मानव को बराबर का दर्जा हर धर्म के अनुयायी […]

Read More

भूख

भूख – जायज, नाजायज , अजीबो-गरीब व अनेक तरह की, रुलाती शिशुओं व गरीबों को ,अच्छी भूख निशानी सेहत की बेशुमार भूख निशानी मधुमेह की । खाना थोड़ा कम रहोगे तंदुरुस्त, मोटापे ने घेर लिया तो हो जाओगे हर क्षेत्र में पस्त । जरूर बच के रहना स्थूलता की महामारी से आपकी तोंद जगाएगी भूख […]

Read More

खुद के लिए समय जरूर निकालें

“श्रेष्ट व्यक्ति वह है जो अपने बारे में सोचता है” – हीसियड (ग्रीक कवि) कितनी ही हो व्यस्त जीवन शैली थोड़ा समय खुद को भी देना रखना काम व निजी समय के बीच स्पष्ट रेखा सीख लेना कम जरूरी कामों के लिए विनम्रता से ना कहना बुरा नहीं होता अपनी ख़ुशी के लिए थोड़ा स्वार्थी […]

Read More

नौकरी व धंधा

(सतर्कता और अनुशासन से ख़ुशी मिलेगी) कार्य कोई भी छोटा – बड़ा नहीं होता, लगन से मेहनत करना, धंधा चुनना अपनी क्षमता और स्वभाव व मन के अनुसार, प्रतिष्ठा अवश्य मिलेगी काम अच्छे से करते रहना । बेईमानी और काम-चोरी से खतरे में पड़ेगी आपकी नौकरी, करते रहना अपने काम में सुधार और देखते रहना […]

Read More

आंसू (अश्रु)

अश्रु बहेंगे बेशुमार, जीवन पथ के कई मोड़ों में, रोकना होगा मुश्किल, झेलना अधिकतर अकेले मे । कोई नहीं बांटेगा उस पीड़ा को जिसने तुम्हें रुलाया, ध्यान करो कई कष्टों को तो आपने ही है बुलाया । संभलो, जीतलो, जियो हर दुख को मुस्कान से, याद रखें, दर्द कम नहीं होते हरेक के समक्ष रोने […]

Read More

पच्चीसॅंवा साल

यह है हमारे जीवन का प्रथम मील का पत्थर, सही वक्त होता है यह भविष्य के बारे में मुख्य निर्णय लेने का आलस्य व लापरवाही से तो गलतियां होती हैं अक्सर । तुरंत सुधारना जो गलतियां हो जाती हैं यौवन की मदहोशी में, सतर्क नहीं हुए तो जरूर धकेल लोगे अपने जीवन को अंधेरे में […]

Read More

यौनाकर्षण – सतर्कता बेहद जरूरी

क्या कहूं? स्वाभाविक, चुम्बकीय है यह आकर्षण, इसके सम्मुख कुछ नहीं हमारे ग्रहों का गुरुत्वाकर्षण । सुखी रहो, संतुष्ट रहो, बस एक ही प्यारा- प्यारी से, संभालना एक दुसरे को, पार लगा लेना दुःखभरी दुनियादारी से । सीख सर्वोपरि है ,जीवन पार लगाने को, परनारी / पुरुष का ख़्याल ही मिटा देगा आपकी हर ऊंचाई […]

Read More

धोखा

मानव धोखा खा जाता है पूरी सावधानी के बाद भी, दुःख असहनीय होता है जब करीबी भी करते हैं विश्वासघात आप तो सपने में भी नहीं करना अन्याय किसी के साथ भी । चालाकों से सावधान रहना ये नहीं देंगे बुरे वक्त में साथ, ऐसे लोग नहीं करेंगे आपके जज्बातों की कदर इश्क में भी […]

Read More

Page 2 of 9

© shivrammehta.in 2026. All Rights Reserved.