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माफ करने व माफी मांगने में देरी न हो

सुखी रहना है तो गलती स्वीकारने में हिचकिचाना नहीं गलती स्वीकार करने वाले होते हैं जिम्मेदार व भरोसेमंद इंसान माफी मांगने से आप बड़े होते हैं, छोटे नहीं माफ करना व माफी मांगना दोनों है बुद्धिमता की निशानी क्षमा बड़न को चाहिए छोटन को उत्पात- ‘कह गए थे रहीम दास नियंत्रण करना अहंकार को वरना […]

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सेवानिवृति के बाद का मेरा चिट्ठा

(2010-2025) एक ही योजना बनाई थी जो नहीं हुई कामयाब, भयंकर गलती कर बैठा था, नहीं रखा था विकल्प विकल्पों का ध्यान नहीं रखने से विफल होते हैं कई साहब । झटका लगते ही सुधरा, सेवानिवृति के दूसरे ही दिन से, अहसास हुआ पूरा विश्व खड़ा है मेरी मदद करने को मैं निकला था रामकृष्ण […]

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कृत्रिम बुद्धि (Artificial Intelligence -A. I.)

कृत्रिम बुद्धि धूम मचाएगी जीवन के हर क्षेत्र में, विकसित हो रही है इसकी तकनीके अकल्पनीय गति से नहीं सीखे इसके गुर तो यह धकेल देगी अंधेरे में आजीवन सीखते रहने से ही रह पाओगे आराम से । बच्चों को भी इसकी शिक्षा देना अब हो जायेगा बहुत अहम, इसके फायदे हैं बेशुमार पर खतरों […]

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आगामी शताब्दी के ज्वलंत मुद्दे और निवारण (2024-2123)

व्याकुल मनुष्यों की भीड़ व उम्रदराज होती आबादी मानव शांति से कभी नहीं बैठा,वर्तमान में है अत्यधिक अशांत अनेक उपलब्धियों के बाद भी उसकी फितरत नहीं सुधरी अनगिनत कारण हैं इसके व अछूता नहीं है कोई भी प्रांत । शीर्ष पर पहुंची हुई वैज्ञानिक उन्नति के बावजूद, संकट में है सम्पूर्ण सृष्टि, मानवता व जीव […]

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यह दुनिया बहुत हसीन है

सृष्टि पर है स्वर्ग, जरूरत है आंखें खोलकर निहारने की, हरी- भरी धरती पर रंग-बिरंगे फूलों की है भरमार यहां हैं यहां रसीले फल, कमी नहीं है हर तरह के भोजन की इठलाती नदियों की पनिहारी मिलेगी यहां शुद्ध पानी लाने को चीत्ताकर्षक छवि निहारना पर्वत के सीने से झरते झरनों की विशालकाय समुद्र में […]

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बनो सहारा (मदद व सेवा)

(छोटी – मोटी सेवा अवश्य करते रहना) अनेकों घावों से ग्रसित हैंं दुनिया के कई लोग, कुछ तो मरहम लगाना इनके जख्मों पर निकल कर “स्व” की सीमाओं से बाहर लगाना सेवा का भोग इससे घटेगा आपका अहम व समाप्त होगी स्वार्थपरता स्वार्थपरायण व अहंकार के खत्म होने से मिटते हैं सब रोग । धैय […]

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चरित्र

हमारा वर्तमान व भविष्य सिर्फ हमारे चरित्र और कड़ी मेहनत पर निर्भर करता है । अभिभावकों सुधारलो अपना चरित्र, संताने होगी भाग्यवान, माता-पिता को ख़ुशी होती है जब बच्चे होते हैं चरित्रवान गुरुजनों से करबध्द अरदास है कृपया रहे सचेत व सावधान आपके ही जिम्मे है भावी पीढ़ी और पूरे विश्व का भविष्य कम होंगे […]

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आलोचना व बेइज्जती

आलोचक को सकारात्मक तरीके से ठीक से सुनना, आलोचना के सत्य और तथ्य को समझना । आलोचना करती है आपको दर्पण दिखाने का काम, सच्चे आलोचक से हो जाती है उजागर हमारी कमियां तमाम यह होते हैं हमारे भला चाहने वाले यह निखार लायेंगे हमारे हुनर में व सुधरेंगे हमारे सब काम। रखना इनको आस-पास, […]

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क्रम

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Interview with National TV

Lt Gen (Dr.) S.R. Mehta, Chairman SREE Foundation Interview with National TV

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