वर्तमान का हर क्षण ही होता है सर्वाधिक उपयुक्त समय,

आज व अभी का मन्त्र करता है अकल्पनीय चमत्कार

इसका सदुपयोग व आज के सही कर्म सुधारेंगे आपका भविष्य

इस क्षण को महत्व देने से बनेगी हर कठिन परिस्थिति अनुकूल

वर्तमान का हर पल है शुभ घड़ी, सुन्दर भविष्य के लिए

वर्तमान को सुधारना, वर्तमान की सही सोच से

जीना आज को तत्परता, आशा व उत्साह से रहकर शांतिमय ।

विलम्ब होता है घातक, समझना जरूर आज के महत्व को,

भविष्य में छिपा हो सकता है विलम्ब, अनिश्चितता, दुविधा और अविश्वास

हो सकते हो हताश अगर महत्व देते रहोगे गुजरे हुए कल को

मत खोना वर्तमान, पुरानी भूलों के पश्चाताप में

अतीत में गोते लगाकर मत बिगाड़ना वर्तमान को

अगर हो गया कुछ गलत कल तो आज उसे दोहराएं नहीं

याद करना हो अतीत तो याद करना सिर्फ अपनी उपलब्धियों को

सुधारते रहना वर्तमान को पुरानी गलतियों से सीख लेकर

जरूर होगा कष्ट अगर कुरेदते रहोगे पुराने घावों को

“बीती ताहि बिसार दे” याद रखना इसको ।

भविष्य नहीं होता किसी के नियंत्रण में,

नहीं सुधारा वर्तमान तो जरूर बिगड़ेगा भविष्य भी

वर्तमान जरूर बिगड़ जाता है भविष्य की व्यर्थ चिंता में

कोई हर्ज़ नहीं होगा अगर सटीक योजना हो कोई कल की

ज्यादा योजनाएं ना हो भविष्य की, नहीं होता है यह हमारे वश में

भूतकाल और भविष्य को छोड़कर जीना सिर्फ वर्तमान में,

परम सत्य सिर्फ एक ही है, अभी नहीं तो कभी नहीं

नहीं ध्यान दिया वर्तमान पर तो जरूर कष्ट भोगने होंगे भविष्य में

मत जीना दिन और घंटों के परिमाण में

जीना होगा मिनट और सैकंडों के हिसाब में ।

टालने वाली वृति को तिलांजली देकर तुरंत श्री गणेश कर देना,

हाथ में लिए हुए काम को तत्काल प्रारम्भ कर देना

उत्तम व दिव्य लक्ष्य के साथ एकदम शुरू हो जाना ।

आज के छोटे-छोटे साहसपूर्ण क़दमों से कल एक पिरामिड बन जाएगा,

अगर आप हैं सच्चे यति तो सब कुछ ठीक होता रहेगा ।

वर्तमान में जरुरी है जीवन के लक्ष्य की स्पष्टता,

बिना मंजिल के मार्ग कभी तय नहीं हो सकता

वर्तमान ही है संतानो को देने उचित मार्गदर्शन का समय

ताकि वे भी हासिल कर सके अपने क्षेत्रों में सफलता ।

लेखक – लेफ्टिनेंट जनरल (डॉक्टर) शिवराम मेहता, सेवानिवृत