कृत्रिम बुद्धि धूम मचाएगी जीवन के हर क्षेत्र में,
विकसित हो रही है इसकी तकनीके अकल्पनीय गति से
नहीं सीखे इसके गुर तो यह धकेल देगी अंधेरे में
आजीवन सीखते रहने से ही रह पाओगे आराम से ।
बच्चों को भी इसकी शिक्षा देना अब हो जायेगा बहुत अहम,
इसके फायदे हैं बेशुमार पर खतरों को मत आंकना कम (1)
हर ताकतवर आविष्कार के खतरे भी होते हैं अपार
कृत्रिम बुद्धि का दुरपयोग साबित होगा खतरनाक एटम बम
इसके गलत उपयोग से हो सकती है समस्त सभ्यता खत्म (2)
सब कुछ निर्भर करेगा किस तरह इस्तेमाल करते हैं इसका हम ।
क्षमता होगी कई क्षेत्रों में एआई में इंसानों के मस्तिष्क से ज़्यादा,
नहीं हो सकती इसमें भावनात्मक समझ और संवेदनशीलता
अवश्य होगा कई क्षेत्रों में सुधार पर उत्पन्न होगी नई-नई आपदा ।
हर क्षेत्र में होगी इसकी धूम, बढ़ेगी आगे अविश्वसनीय गति से,
इसके दुरपयोग के खतरों का पता नहीं लगेगा आसानी से
वर्तमान का है यह है सबसे ताकतवर जासूसी का हथियार
बढ़ेगा खतरा भ्रामिक सूचनाओं का इंटरनेट के दुरपयोग से
संकट में है हमारी गोपनीयता, निजता एवं लोकतंत्र
मत करना साझा व्यक्तिगत डेटा किसी भी सॉफ्टवेयर ऐप से
हैकर्स कर सकते हैं आपके बैंक को खाली आसानी से
मोबाइल पर गलत क्लिक से आप घिर जाओगे आपदाओं से ।
हरदम सावधान रहना होगा सरकारों, कंपनियों व हम सबको,
बनाने होंगे सख्त कानून इसकी पारदर्शिता वह जवाबदेही पर
बनानी होगी अंतर्राष्ट्रीय संस्था जो रोक सके इसके दुरपयोग को
भलाई सिर्फ इसी में है की हर देश ऊपर उठे स्वार्थपरता से
दुर्भाग्यवश वर्तमान में हर देश उतारू है एक दुसरे को पीछे छोड़ने को ।
संदर्भ
- दार्शनिक इतिहासकार युवाल नोवा हरारी ने अपनी पुस्तक ‘नेक्सस’ में यह चेतावनी दी है ।
- The rise of powerful AI will be either the best,or the worst thing ever to happen to humanity. – STEPHEN HAWKINS
लेखक – लेफ्टिनेंट जनरल (डॉक्टर) शिवराम मेहता, सेवानिवृत
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