सुखी जीवन के लिए अर्थ है जरुरी,

इसके बिना नहीं होती है मूलभूत कामनाएं पूरी।

कमाना इसे नेकी से वरना उपजेगी बेतुकी कामनाएं,

अनीति से अर्जित धन पैदा करेगा बर्बाद करने वाली इच्छाएं।

मत बनना सूदखोर वरना बर्बाद हो जायेगी समस्त पीढ़ियां,

शक ना हो इस राय पर, काले धन से बर्बादी होती है शर्तिया।

ब्लैक मनी भावी पीढ़ियों का दिमाग जरूर काला करेगा,

सात पीढ़ी की बात छोड़ो एक-दो पीढ़ी के लिए भी कम पड़ेगा।

बच्चों को धन के बजाए अच्छे संस्कार देना,

चरित्र बिगाड़ कर धन कमाने की कभी भी मत सोचना।

मत करना धन की बर्बादी, अय्याशी व देख-दिखावे में,

मान-सम्मान धन से नहीं बल्कि अच्छे स्वभाव से मिलेगा,

पैसा कमाना ही नहीं, ध्यान देना उसके उचित प्रबंध में,

पारिवारिक रिश्ते महत्वपूर्ण होते हैं धन से, रखना यह ध्यान में लेकिन

फक्कड़ मत होना आकर लालची अपनों के चक्कर में,

जरूर रखना कुछ माया सुरक्षित खुद के भविष्य के लिए,

अवश्य निवेश करना इंश्योरेंस व स्वास्थ्य योजनाओं में।

मेहरबान हो जाये लक्ष्मी माता तो दान-धर्म जरूर करना,

प्राथमिकता रखना परिवार, समाज व राष्ट्र के हितों क,

उपहार सदैव सही जगह व सुपात्र को ही देना।

लेखक – लेफ्टिनेंट जनरल (डॉक्टर) शिवराम मेहता, सेवानिवृत