(अज्ञानता से बचने के उपाय)

अज्ञानी है वह जो सोचता है उसी की सोच है सही,

यह रखते हैं गलत भावनाएं और करते हैं अन्यों की निंदा,

ऐसों का उत्थान नहीं होता, वो रुक जाते हैं वहीं के वहीं।

बाहरी आडम्बरों पर विश्वास करना भी है अज्ञान की निशानी,

ऐसे लोग नहीं समझ पाते हैं सही-गलत का अतंर

अज्ञानी अक्सर समझते हैं अपने आप को महान ज्ञानी

ये कभी भी नहीं स्वीकारेंगे अपनी गलतियों को

खुद तो बर्बाद होते ही हैं औरों को भी पहुंचाते हैं बेहद हानि

बाज नहीं आते हैं दूसरों को नीचा दिखाने की आदत से

मत करना तर्क अज्ञानियों से वे होते हैं बहुत अभिमानी ।

अज्ञानता है मानव के अनेक दुखों का मूल कारण,

सुखी और सफल होना है तो हमेशा रखना सीखने की ललक

सही शिक्षा और ज्ञान का प्रकाश ही करेगा अज्ञानता का निवारण।

आप अपनी गलतियों को स्वीकारना व करते रहना इनमें सुधार,

उत्थान उन्हीं का होता है जो सब को सुनते हैं ध्यान से

जिज्ञासु और अच्छे लोगों के साथ रहने से अवश्य होगा आपका उद्धार ।

लेखक – लेफ्टिनेंट जनरल (डॉक्टर) शिवराम मेहता, सेवानिवृत