अज्ञान का ही परिणाम है अंधविश्वास, नकारना इसे विवेक से,
चमत्कारी परिणाम के चक्कर में मत आना तांत्रिकों के जाल में
पाखंडी लोग करवा लेते हैं कई गलत काम भोले-भालों से
बहुत सी कुरीतियों में फंस जाते हैं तमस प्रवृति वाले लोग
बनना नही पाखंडी भ्रमित होकर मिथ्या धारणाओं से ।
मत करना ताबीज, सुकून व शुभ संकेत पर विश्वास,
अंधविश्वास की आड़ में अक्सर होते हैं कई खोटे काम
अज्ञानी रखते हैं पशुबलि व नरबलि पर चमत्कारों की आस ।
अवैज्ञानिक सोच तो है अंधेपन की निशानी,
जादू – टोने के चक्कर में पड़े रहते हैं कई मिथ्याभिमानी
मत जीना अशुभ जीवन होकर गलतफहमियों से प्रेरित
झाड़फूंक व तंत्र- मंत्र से बीमारियां ठीक करना है बेमानी ।
पूजा पाठ से सुकून मिलता है पर इसमें नहीं होनी चाहिए भ्रांति
वैज्ञानिक सोच, शिक्षा और जागरूकता से ही आयेगी सही क्रांति ।
लेखक – लेफ्टिनेंट जनरल (डॉक्टर) शिवराम मेहता, सेवानिवृत
Leave a Reply