(शांति मिलेगी)

अनाप-शनाप गलत इच्छाओं से बढ़ जाती है बेतुकी जरूरतें,

भर लेते हैं घर कई तरह के फालतू सामान इकट्ठा करके

बन जाता है कबाड़ आपका आशियाना इस सामान के रहते

घर में ही नहीं, यह आपके मस्तिष्क में भी घेरता है जगह

कैसे रहेगा घर व्यवस्थित व मस्तिष्क शांत इन सबके चलते ।

जरूर बचना गैर जरूरी सामान को खरीदने से,

टूटी-फूटी वस्तुएं बाहर फेंकना ताकि नहीं आए नकारात्मकता

दान कर देना पुराने कपड़े मत भरना अलमारी इनसे

जमाना है प्लास्टिक की थैलियां और डिब्बों का

स्वस्थ रहोगे, फायदा होगा पर्यावरण का इनको नकारने से ।

लेखक – लेफ्टिनेंट जनरल (डॉक्टर) शिवराम मेहता, सेवानिवृत