(अवधि और गुणवत्ता ठीक रखना जरूरी है)

माॅं की कोख में 9 महीने की सुषुप्त अवस्था देती है 100 वर्ष का जीवन,

जिंदगी के प्रथम से अतिंम सांस तक एक तिहाई भाग बीतता है नींद में

इसकी गुणवत्ता से ही प्रफुल्लित रहता है जीवन का उपवन ।

हम सब ने देखे हैं बच्चों को खुश रहते हुए पूरी नींद के उपरांत, नींद व खाने की कमी से बच्चे हो जाते हैं बेहद अशान्त ।

दोपहर की थोड़ी सी झपकी से बढ़ेगी आपकी रचनात्मकता,

ऊंघने से अच्छा है आप थोड़ी देर सो जाएं

आप तुरंत हो जाओगे ऊर्जावान व मिलेगी सकारात्मकता।

जब सताए तंद्रा तो मत करना मशीनरी व गाड़ी चलाने का काम,

अधरूी नींद वाले ड्राइवर कर देते हैं कई जिन्दगियों का काम तमाम

जब हो अगले दिन परीक्षा या करना हो कोई जटिल काम

ऐसे मौके पर नींद की कमी से आप नहीं रह पाओगे सावधान

बिगड़ सकता है सब कुछ, नहीं मिलेंगे अच्छे परिणाम।

सब जीव जंतु करते हैं पालना प्रकृति द्वारा बनाए हुए प्राकृतिक चक्र की,

सोते हैं, जागते हैं व धूम मचाते हैं निर्धारित समय पर

यह मानव ही है जो बिगाड़ लेता है लय अपनी आतंरिक घड़ी की(1)

और झेलता है मार कई तरह की त्रासदियों की

नींद की कमी से कमजोर होती है याददाश्त, और हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली

जरूर बचोगे अनेक कष्टों से अगर अच्छी नींद लेते रहोगे 7-8 घंटों की

विश्व के छह महान चिकित्सकों में आराम की नींद भी है सम्मिलित (2)

नींद की कोई भी परेशानी आए तो राय तरुंत लेना चिकित्सक की

इसकी अनदेखी से जल्दी ही झेलनी पड़ सकती है मार चिर निद्रा की ।

नींद की कमी से आप हो जाओगे चिड़चिड़े व घिर जाओगे कई बीमारियों से

जरूर रखना अपने रिश्ते अच्छे, ताकि सो सको सुकून से।

बचना भागदौड़ व आपा-धापी से ताकि नहीं रहे नींद अधूरी,

सुधरेगी नींद की गुणवत्ता ध्यान, पूजा-पाठ व श्वासन योगा से

जरूरी है सोने से पहले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से कुछ दूरी ।

मत बनना जानकर भी अनजान, थोड़ी सी कोशिश की है

आपको सही वक्त पर जगाने की,

जानता हूं, बेबस हूं, कमी नहीं है इस दुनिया में नींद हराम करने वालों की ।

संदर्भ-

  1. आंतरिक घड़ी (Circadian rhythm) – हर जीव के बाहरी वातावरण की प्रतिक्रिया को नियंत्रित करने वाली उसके मस्तिष्क में स्थित
    आंतरिक प्रक्रिया को सर्केंडियन लय कहा जाता है । यह हमारे सोने-जागने के चक्र व अंत: स्रावी (मेटाबॉलिक) पाथ को प्रकाश एवं अंधेरे
    के अनुसार ताल मेल बिठाने में मदद करती है । इसी के अनुसार हमारा शारीरिक, मानसिक और व्यवहार परिवर्तन होता है ।
  2. विश्व के छह सर्वश्रेष्ठ डॉक्टर धूप, पानी, हवा, आहार, व्यायाम और आराम की नींद है ।

लेखक – लेफ्टिनेंट जनरल (डॉक्टर) शिवराम मेहता, सेवानिवृत